बीजेपी, बालू और बुंदेलखंड- ना निकाय की फिक्र, ना 2024 का चिंतन, यहां उल्टी हवा..
समरनीति न्यूज, ब्यूरो : रिकार्ड समय में बने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सौगात बताती है कि केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारें इस पिछड़े क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। दोनों बड़े नेता बुंदेलखंड की दशा सुधारने के लिए संकल्पबद्ध नजर आते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर हवा उल्टी बह रही है। यहां भारतीय जनता पार्टी के ज्यादातर नेताओं और जनप्रतिनिधियों का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आता है।
सरकारों को 'विकास' तो स्थानीय नेताओं को भा रहा बालू
एक ओर लखनऊ से दिल्ली तक यूपी नगर निकाय और लोकसभा 2024 के चुनावों को लेकर बीजेपी में सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड में बीजेपी नेता चुनावी मूड से दूर नजर आ रहे हैं। ज्यादातर काम-धंधे में व्यस्त हैं। इसकी बहुत बड़ी वजह है बुंदेलखंड का बालू यानी मौरंग खनन। दरअसल, बुंदेलखंड के लगभग सभी ज...

