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बांदा 2027: तिंदवारी में पूर्व विधायक दलजीत सिंह की वॉल पेंटिंग से बढ़ा सियासी तापमान

बांदा 2027: तिंदवारी में पूर्व विधायक दलजीत सिंह की वॉल पेंटिंग से बढ़ा सियासी तापमान

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मनोज सिंह शुमाली, बांदा: बांदा में पूर्व विधायक दलजीत सिंह को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। दरअसल, ऐसा उनकी वाॅल पेंटिंग की चर्चाओं के कारण है। पूर्व विधायक की वाॅल पेंटिंग से बांदा के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सियासी तापमान काफी हाई हो गया है। क्षत्रिय और निषाद बाहुल्य आबादी वाली तिंदवारी विधानसभा से दलजीत सिंह 2012 में विधायक रहे हैं। खुद के जनाधार-वोट बैंक वाले नेता हैं दलजीत दरअसल, दलजीत सिंह तिंदवारी के जनाधार वाले नेता हैं, जो हर वर्ग में अपना खुद का वोट बैंक रखते हैं। तिंदवारी क्षेत्र में सभी वर्गों और समाज के लोगों में उनकी गहरी पैठ है। हर वर्ग के लोगों में लोकप्रिय और निर्विवादित नेता माने जाते हैं। चुनाव का सपना संजोय बैठे नेताओं में हलचल शायद यही वजह है कि क्षेत्र के हर दल के नेताओं में उनकी वाॅल पेंटिंग को लेकर इस समय काफी चर्चा है। खासकर...
’27 से पहले बांदा में बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियां खंगाल सकती है ईडी!

’27 से पहले बांदा में बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियां खंगाल सकती है ईडी!

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मनोज सिंह शुमाली, बांदा: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियां बांदा में कार्रवाई कर सकती है। चर्चाएं हैं कि ईडी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियां खंगाल सकती है। दरअसल, इन चर्चाओं की शुरूआत कुछ दिन पहले बांदा में आयकर कार्रवाई से हुई। आयकर ने खनन कारोबारियों के घरों पर बड़ी छापेमारी की। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और, जिनके यहां छापे पड़े वे पूर्व मंत्री के कभी करीबी रहे हैं। बालू कारोबारियों पर पड़े आयकर छापों से निकलीं चर्चाएं माना जा रहा है कि बांदा में ऐसे स्कूल-काॅलेज व शिक्षण संस्थाओं की भी जांच हो सकती है, जिनको पूर्व मंत्री कुशवाहा का वरदहस्त है। बताते चलें कि पूर्व मंत्री कुशवाहा पहले भी ईडी के रडार पर रहे हैं। पूर्व मंत्री और जौनपुर के सांसद हैं बाबू सिंह कुशवाहा वर्ष 2015 में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग...
‘हमें इंडिया गठबंधन में लाकर खुद चले गए’ अखिलेश यादव को आज भी नीतीश की वापसी का इंतजार

‘हमें इंडिया गठबंधन में लाकर खुद चले गए’ अखिलेश यादव को आज भी नीतीश की वापसी का इंतजार

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मनोज सिंह शुमाली, लखनऊ : एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ी बात कही है। अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार पर पूछे गए एक सवाल पर कहा कि 'वही हमें इंडिया गठबंधन में लाए थे, और फिर खुद ही भाजपा के साथ चले गए।' हालांकि, अखिलेश यादव को आज भी नीतीश कुमार की वापसी की पूरी उम्मीद है। बोले, समय पर बदलती रहती हैं चीजें उन्होंने कहा कि समय पर चीजें बदलती हैं। टीवी कार्यक्रम में सपा मुखिया ने बिहार में नीतीश कुमार के जाति आधारित सर्वेक्षण की तारीफ भी की। यह भी कहा कि बिहार ने इस काम में देश को रास्ता दिखाया है। पूर्व सीएम ने कहा कि https://samarneetinews.com/up-keshav-trapped-in-akhileshs-googly-called-more-name-than-pm-modi-in-24-hours/ 'उन्हीं के (नीतीश कुमार के) कहने पर 'मैं इंडिया गठबंधन में आया था, अब व...
योगी और केशव के बीच फिर दिखा 36 का आंकड़ा!

योगी और केशव के बीच फिर दिखा 36 का आंकड़ा!

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मनोज सिंह शुमाली, लखनऊ : उत्तर प्रदेश भाजपा में सियासी हलचल फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। एक बार फिर सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बीच 36 का आंकड़ा दिखाई दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को भाजपा की बैठक थी। यह बैठक सीएम योगी ने बुलाई थी। इसमें यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या शामिल नहीं हुए। जबकि वह कुछ दूर पर स्थित अपने सरकार आवास में मौजूद रहे। इतना ही नहीं इस दौरान केशव कई पूर्व और वर्तमान मंत्रियों से मुलाकात करते रहे। ऐसे में सियासी गलियारों में अटकलें और तेज हो गई हैं। चुनाव परिणामों से दूरियां बरकरार दरअसल, आजकल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंडलवार पार्टी और सहयोगी दलों के जनप्रतिनिधियों से मिल रहे हैं। सीएम लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार की समीक्षा में लगे हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने मेरठ-प्रयागराज मंडल के नेताओं की बैठक बुलाई...
UP : भाजपा की हार के 3 कारण, अहंकार-उपेक्षा और भीतरघात, राष्ट्रीय महामंत्री BL संतोष की बैठक

UP : भाजपा की हार के 3 कारण, अहंकार-उपेक्षा और भीतरघात, राष्ट्रीय महामंत्री BL संतोष की बैठक

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मनोज सिंह शुमाली, लखनऊ : भाजपा नेता 400 पार के नारे लगा रहे थे, लेकिन जब परिणाम आया तो सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन लेना पड़ा। हार की वजह तलाशने के लिए पूरी पार्टी में खलबली मची है। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष दो दिवसीय यूपी दौरे पर आए हुए हैं। लखनऊ में शनिवार और आज रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने समीक्षा कर हार के कारण जानने का प्रयास किया। दो दिन बैठकें, पार्टी उठाएगी ये कदम.. शनिवार को उन्होंने क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय प्रभारियों के साथ बैठकें कीं। उनकी बातें सुनीं तो आज रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक आदि के साथ बैठक की। अब पार्टी जल्द 10 सीटों पर होने वाले उप चुनावों पर फोकस कर रही है। https://samarneetinews.com/lok-sabha-2024-will-mlas-...
लोकसभा2024 : क्या बीजेपी सांसदों पर भारी पड़ेंगे विधायक..?

लोकसभा2024 : क्या बीजेपी सांसदों पर भारी पड़ेंगे विधायक..?

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मनोज सिंह शुमाली, ब्यूरो : लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने कील-काटें दुरुस्त करने में लगे हैं। सबसे ज्यादा तैयारियां सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से चल रही हैं। हालांकि, बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बार टिकट वितरण की होगी। इसकी वजह है कि बीजेपी के तमाम मौजूदा सांसदों के लिए उनके अपने ही चुनौती बने हुए हैं। बात साफ है। सांसदों की लोकसभा के विधायक ही टिकट की दौड़ में उनपर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। लोकसभा-2024 में पार्टी के लिए टिकट वितरण चुनौती पार्टी आला कमान खुद इस बात को समझ रहा है। ज्यादातर लोकसभा क्षेत्र के विधायक ही अपने सांसद के खिलाफ टिकट के लिए किसी न किसी तरह से दम लगा रहे हैं। इन विधायकों का सपना विधानसभा से कूदकर लोकसभा में जाने का है। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं जो अति महत्वाकांक्षा का शिकार हैं। यही वजह है कि इस समय उत्तर प्रदेश में...
बांदा निकाय : आखिर क्यों सुर्खियों में छाईं सभासद प्रत्याशी आराधना..?

बांदा निकाय : आखिर क्यों सुर्खियों में छाईं सभासद प्रत्याशी आराधना..?

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मनोज सिंह शुमाली, बांदा : निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश के बाकी हिस्सों की तरह बुंदेलखंड के बांदा जिले में भी माहौल चढ़ चुका है। इसी बीच एक ऐसा नाम सुर्खियों में छाया है जिसने सभी राजनीतिक दलों और उनके प्रत्याशियों में नया कौतूहल पैदा कर दिया है। यह नाम है आराधना सिंह का। बांदा के इंदिरानगर की रहने वाली आराधना जो अपनी मां को कोरोना त्रासदी में खो चुकी हैं, एक रिटायर्ड अधिकारी की बेटी हैं। वह बीटेक-एमबीए और एलएलबी क्वालीफाई करने के बाद सभासद के चुनाव में उतरी हैं। नोएडा-लखनऊ से हाइली क्वालिफाइड लखनऊ, नोएडा जैसे शहरों में रहकर हाइली क्वालीफाइड हुईं हैं। वकालत करने के बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर चुकी हैं। अब आप समझ सकते हैं कि इतनी क्वालीफाइड लड़की अगर बांदा से सभासद का चुनाव लड़ेगी तो चर्चा तो होगी ही। शहर के इंदिरानगर वार्ड-31 से आराधना एक निर्दलीय प्रत्याशी हैं। वह...
BJP@Banda : चाटुकारों से घिरे जनप्रतिनिधि क्या जिता पाएंगे निकाय चुनाव..?

BJP@Banda : चाटुकारों से घिरे जनप्रतिनिधि क्या जिता पाएंगे निकाय चुनाव..?

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मनोज सिंह शुमाली, बांदा : उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का बिगुल फुंक चुका है। सभी राजनीतिक दल अपना पूरा जोर इन चुनावों में लगाने वाले हैं। इसी क्रम में बुंदेलखंड के बांदा की बात करें तो सवाल उठता है कि चाटुकारों से घिरे रहने वाले जनप्रतिनिधि क्या निकाय चुनाव जिता पाएंगे..? दरअसल, बात जब लोकसभा और विधानसभा चुनावों की आती है तो मोदी-योगी के नाम पर लगभग एक तरफा चुनाव होते हैं। दोनों नेताओं को बुंदेलखंड की जनता खूब पसंद करती है। दोनों नेताओं का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन स्थानीय चुनाव, लोकल नेताओं यानी जनप्रतिनिधियों की साख पर निर्भर करता है। ऐसे में पुराना अनुभव भाजपा के लिए अच्छा नहीं है। लोकसभा और विधानसभा में चलता है मोदी-योगी का जादू, मगर.. इसकी वजह स्थानीय नेताओं की कम होती लोकप्रियता और जनता के बीच कमजोर पकड़ है। इस बात को आप इस तरह से समझ लीजिए। जल शक्ति विभाग के राज...
UP : अखिलेश की गुगली में फंसे केशव, 24 घंटे में पीएम मोदी से भी ज्यादा पुकारा नाम 

UP : अखिलेश की गुगली में फंसे केशव, 24 घंटे में पीएम मोदी से भी ज्यादा पुकारा नाम 

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मनोज सिंह शुमाली, ब्यूरो : अखिलेश यादव ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर मुख्यमंत्री बनाने के 'ऑफर' वाली जो गुगली फेंकी, उसमें अब उप मुख्यमंत्री फंसते नजर आ रहे हैं। बुंदेलखंड के अपने दो दिवसीय दौरे पर डिप्टी सीएम केशव ने महोबा से बांदा तक बीते 24 घंटे में पीएम मोदी से ज्यादा अखिलेश यादव का नाम पुकारा। यह बात और है कि डिप्टी सीएम मौर्य ने जितनी बार अखिलेश का नाम लिया। उतनी बार उतना ही बड़ा हमला भी बोला। यहां तक कहा कि अखिलेश यादव को इलाज की जरूरत है। उनकी हालत बिन पानी वाली मछली जैसी है। अखिलेश यादव ने दिया था डिप्टी सीएम को मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दरअसल, अखिलेश यादव के इस आफर को दो वजहों से धार मिल रही है। एक हाल ही में बिहार में हुई राजनीतिक ऊठा-पटक की घटना की वजह से। दूसरे वजह काफी अहम है। वो है 3 साल पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में 100 से ज्यादा भाजपा विधायकों का अपनी...