Saturday, May 23सही समय पर सच्ची खबर...

’27 से पहले बांदा में बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियां खंगाल सकती है ईडी!

ED may investigate benami properties of BabuSinghKushwaha

मनोज सिंह शुमाली, बांदा: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियां बांदा में कार्रवाई कर सकती है। चर्चाएं हैं कि ईडी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियां खंगाल सकती है। दरअसल, इन चर्चाओं की शुरूआत कुछ दिन पहले बांदा में आयकर कार्रवाई से हुई। आयकर ने खनन कारोबारियों के घरों पर बड़ी छापेमारी की। अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और, जिनके यहां छापे पड़े वे पूर्व मंत्री के कभी करीबी रहे हैं।

बालू कारोबारियों पर पड़े आयकर छापों से निकलीं चर्चाएं

माना जा रहा है कि बांदा में ऐसे स्कूल-काॅलेज व शिक्षण संस्थाओं की भी जांच हो सकती है, जिनको पूर्व मंत्री कुशवाहा का वरदहस्त है। बताते चलें कि पूर्व मंत्री कुशवाहा पहले भी ईडी के रडार पर रहे हैं।

पूर्व मंत्री और जौनपुर के सांसद हैं बाबू सिंह कुशवाहा

वर्ष 2015 में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उनकी करोड़ों की संपत्तियां अटैच की थीं। अगस्त 2024 में लखनऊ में उनकी कथित जमीनों पर भी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की थी।

कानपुर में एक्सिस ग्रुप-लखनऊ में हो चुकीं कार्रवाइयां

कानपुर में प्रयागराज हाइवे पर स्थित एक्सिस ग्रुप कालेज की भी लगभग 12 साल पहले यानी 2014 में जांच हो चुकी है।

ये भी पढ़ें: सहारनपुर: सांसद इकरा हसन के खिलाफ एफआईआर, पूर्व मंत्री समेत 25 अन्य भी आरोपी

दरअसल, बांदा में बाबू सिंह कुशवाहा की कथित बेनामी संपत्तियों पर जांच एजेंसियों की पहले से ही नजर है। ईडी ऐसी संपत्तियों और शिक्षण संस्थानों की जांच कर सकती है जिनका संबंध पूर्व मंत्री कुशवाहा या उनके करीबियों से है।

ED may investigate benami properties of BabuSinghKushwaha

बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में जुटे सभी दल

दरअसल, कुछ दिन पहले खनन कारोबारियों के घरों पर आयकर छापों को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले बांदा में पूर्व बसपा और मौजूदा भाजपा नेता दिलीप सिंह समेत कई कारोबारियों के घरों पर आयकर छापे पड़े थे।

ये भी पढ़ें: अखिलेश यादव का पत्र बांदा के नाम..पर्यावरण के नक्शे पर बांदा को बचाने के लिए पूर्व CM की एकजुटता की अपील

आयकर छापों की इस कार्रवाई की पूरे प्रदेश में चर्चा रही। बंगाल चुनाव के बाद अब सभी राजनीतिक दल उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं।

ये भी पढ़ें: महोबा: अजय राय ने पीएम मोदी पर की अमर्यादित टिप्पणी-दुष्कर्म पीड़िता से..  

ये भी पढ़ें: कानपुर में संघ-भाजपा मंथन, 2027 में बुंदेलखंड की खोई सीटें पाने की रणनीति

कानपुर में संघ-भाजपा मंथन, 2027 में बुंदेलखंड की खोई सीटें पाने की रणनीति

अखिलेश यादव का पत्र बांदा के नाम..पर्यावरण के नक्शे पर बांदा को बचाने के लिए पूर्व CM की एकजुटता की अपील

सहारनपुर: सांसद इकरा हसन के खिलाफ एफआईआर, पूर्व मंत्री समेत 25 अन्य भी आरोपी

क्या पंडित धीरेंद्र शास्त्री बनेंगे बुंदेलखंड में हिंदुत्व की राजनीति के खेवनहार?