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बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं के लिए करोड़ों की लागत से बनेंगे आश्रय स्थल

बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं के लिए करोड़ों की लागत से बनेंगे आश्रय स्थल

खेत किसान, बांदा, बुंदेलखंड
समरनीति न्यूज, बांदाः  बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं की समस्या किसी से छिपी नहीं है। सरकार ने इधर-उधर भटकते अन्ना पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने की योजना शूरू की है। इसके लिए करोड़ों रूपए का बजट भी शासन से पास होकर विभाग को मिल गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारीहो ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि काम तेजी से पूरा किया जाये, इसके लिए 75 फीसदी रकम कार्यदाई संस्थाओं को अवमुक्त भी हो चुकी है। बांदा के खप्टिहाकला, पिथौराबाद, मनीपुर और महुटा में बनेंगे एक-एक आश्रयस्थल  बताया जाता है कि बांदा जिले में कुल चार आश्रयस्थल बनने हैं इनमें एक खप्टिहाकला में, दूसरा पिथौराबाद और मनीपुर में तथा चौथा महुटा में बनाया जाएगा। इन चारों के निर्माण के लए 1 करोड़ 11 लाख 44 हजार रुपए मंजरू हुए हैं। इनके निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग के निर्माणखंड व प्रांतीय खंड को दी गई हैं। इतना ही नहीं इनको 75 फीसदी ...
मुंबई में बुंदेली प्रतिभा के झंडे गाढ़ रहे शिवा और ‘मास्साब’

मुंबई में बुंदेली प्रतिभा के झंडे गाढ़ रहे शिवा और ‘मास्साब’

Feature, Today's Top four News, समरनीति स्पेशल
समरनीति स्पेशलः    बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव खुरहंड के रहने वाले शिवा सूर्यवंशी की लिखी कहानी और उनके अभिनय से भरी-पूरी फिल्म मास्साब रिजीलिंग से पहले ही सफलता के झंडे गाड़ रही है। फिल्म को अबतक कई अबार्ड मिल चुके हैं। इस फिल्म की प्रेरणा शिवा को बुंदेलखंड के सामाजिक परिवेश से ही मिली। इसके बाद उन्होंने फिल्म बनाने की ठानी और आखिरकार सफलता हासिल की। शिवा वर्तमान में मुम्बई में फिल्मों और रंगमंच में सक्रिय हैं। एक कलाकार के तौर पर मास्साब उनकी पहली हिन्दी फिल्म है। हालाँकि इससे पहले वह अंग्रेज़ी फिल्मों में हीरो की भूमिका निभा चुके हैं। शिवा सूर्यवंशी अभिनय के अलावा लेखन में भी रूचि रखते हैं और मास्साब उनकी खुद की लिखी कहानी है। हमने फिल्म के हीरो शिवा से बातचीत की। आइये समझते हैं पूरी कहानीः   बांदा और चित्रकूट के सुदूर ग्रामीण इलाकों में बनकर तैयार हुई है फिल्म मास...