
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा में चौड़ीकरण की आड़ में पेड़ों को काटने का विरोध हो रहा है। पल्हरी रोड पर स्थानीय लोगों के साथ पूर्व छात्र नेताओं ने पेड़ों को काटने का विरोध किया। लोगों ने मांग की है कि पेड़ों को काटने पर रोक लगनी चाहिए। ताकि बांदा को कोई पर्यावरण खतरा न हो। लोगों ने कहा कि पहले ही बांदा का तापमान इतना बढ़ा हुआ है।
पल्हरी रोड पर पेड़ों की कटान का विरोध
इन लोगों का कहना है कि बांदा शहर के पल्हरी रोड पर 80-80 साल पुराने बरगद, नीम-पीपल के पेड़ों को काटा जा रहा है। सभी ने घेरा बनाकर पेड़ों को काटने का विरोध किया है।

दरअसल, शहर की पल्हरी रोड पर शनिवार को लगभग 80-80 साल पुराने बरगद, नीम और पीपल के पेड़ों को काटा जा रहा है। स्थानीय निवासी शिवम निगम का कहना है कि अधिकारी कहते हैं कि पेड़ों को काटने के आदेश नहीं दिए।
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बाद में लेबर और ठेकेदार पेड़ काटने आ जाते हैं। हरे-भरे वृक्षों को काटा जा रहा है। रितेश त्रिपाठी, छात्र नेता अमित और शमशेर यादव और लव सिन्हा, शैलेंद्र वर्मा, दीपक, अरविंद आदि मौजूद रहे।
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