
समरनीति न्यूज, बांदा: एमपी से यूपी बिना नंबर प्लेट वाले सैकड़ों मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक दौड़ लगा रहे हैं। इन ओवरलोड ट्रकों की इतने बड़े पैमाने पर यूपी में एंट्री चौंकाने वाली है। यूपी सरकार लगातार बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों और खनन ओवरलोडिंग पर सख्ती के निर्देश दे रही है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश के माफियाओं द्वारा ओवरलोडिंग का खेल खेला जा रहा है। दूसरे प्रदेश के ओवरलोड ट्रकों की एंट्री से बांदा आरटीओ विभाग के अधिकारियों और सीमावर्ती थानों की पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। योगी सरकार की सख्ती के बावजूद बांदा के अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
सरकार की सख्ती के बावजूद एमपी के माफिया बेलगाम
सूत्रों का कहना है कि रोजाना बांदा के गिरवां और मटौध थाना क्षेत्र से लगभग 300 सौ खनन के ट्रकों की एंट्री होती है। खनन का कोई ट्रक बिना ओवरलोड नहीं जाता। इनमें कुछ को छोड़ दें तो ज्यादातर बिना नंबर प्लेट के चलते हैं। ताकि चालान और कार्रवाई का डर न रहे।

अब इतनी बड़ी संख्या में एमपी से यूपी में ओवरलोड ट्रकों की एंट्री का खेल कैसे चल रहा है। यह बड़ा सवाल है। दरअसल, बांदा के गिरवां और मटौंध के रास्ते रोजाना मध्य प्रदेश की मौरंग (बालू) लदे ओवरलोड ट्रक यूपी में एंट्री करते हैं।
बांदा में हाइवे पर सड़कों के टूटने का बड़ा कारण ओवरलोडिंग
इससे बांदा ही नहीं बल्कि यूपी की सड़कें टूट रही हैं। फतेहपुर से बिंदकी-ललौली के पास टूटी सड़कें इन्हीं ओवरलोड ट्रकों की देन हैं। नियम-कानून को खुलेआम रौंदते ओवरलोड ट्रकों को दौड़ते देखा जा सकता है।
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इनपर नंबर प्लेट गायब मिलेंगी। लेकिन बांदा का पूरा सरकारी सिस्टम खामोश है। एमपी बार्डर का ओवरलोड सिंडीकेट का यह खेल यूपी के पूरी सरकारी सिस्टम पर भारी पड़ रहा है।
बांदा ARTO श्याम लाल ने कही ये बातें..
एआरटीओ श्यामलाल का का कहना है कि बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों व खनन की ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ओवरलोड खनन ट्रकों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है। एआरटीओ श्यामलाल का कहना है कि इसकी रिपोर्ट रोजाना शासन को भेजी जा रही है। यह रिपोर्ट खनन विभाग भेज रहा है।
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