
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा में देर रात आंधी का कहर बरपा। मौसम ने तेजी से करवट बदली। रात लगभग 12 बजे शुरू हुई तेज हवाओं के साथ आंधी ने कहर बरपाते हुए रात 3 बजे तक जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।90 किमी की रफ्तार से चलीं तूफानी हवाओं से दर्जनों पेड़, विद्युत पोल और ट्रांसफामर्र धराशाई हो गए। जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। मार्ग अवरुद्ध हो गए।
12 बजे से 3 बजे तक आंधी-तूफान

इससे पहले रात 12 बजे लोगों के मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज भी आया। फिर आंधी से जिले के लोगों को भारी नुकसान हुआ। मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों में भी कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से मार्ग बाधित हुए।

जनजीवन व्यवस्थित करने के लिए विद्युत विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। ग्रामीण इलाकों में लोगों के घरों के छप्पर आंधी में उड़ गए।
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बांदा में आंधी में दीवार और स्लेब गिरने से दो लोगों की मौत की भी खबर है।

जानकारी के अनुसार मटौंध क्षेत्र के मोहनपुरवा गांव के राजू का कहना है कि उनकी मां पुनिया (65) की आंधी के बाद सुबह स्लैब गिरने से मौत हो गई।

उधर, मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव के अरूण सिंह का कहना है कि उनके पिता कैलाश (65) बीती रात घर में सो रहे थे। तेज आंधी-बारिश में दीवार गिरने से पिता मलबे में दब गए। इससे उनकी मौत हो गई।
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