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बांदा 2027: विशंभर निषाद ने खोले चुनावी पत्ते, तिंदवारी से लड़ने के दिए संकेत

ex MP Vishambar Nishad says he will contest from Tindwari
विशंभर निषाद।

मनोज सिंह शुमाली, बांदा: सपा के कद्दावर एवं निषादों के बड़े नेता विशंभर प्रसाद निषाद ने चुनावी पत्ते खोलते हुए बड़ा ऐलान किया। पूर्व सांसद ने कहा है कि अगर पार्टी कहेगी तो वह तिंदवारी सीट से 2027 का चुनाव लड़ेंगे। दावा किया कि पार्टी की जीत का परचम भी लहराएंगे। दरअसल, ये बातें समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने ‘समरनीतिन्यूज’ से मुलाकात के दौरान खास बातचीत में कहीं।

बोले- तिंदवारी का बीते 5 वर्षों में कोई विकास कार्य नहीं..

पूर्व सासंद निषाद ने अगर पार्टी आदेश देगी तो हम 2027 में जी-जान से चुनाव लड़ेंगे। यह भी कहा कि तिंदवारी क्षेत्र में इस समय हालात अच्छे नहीं है। बीते पांच वर्षों में तिंदवारी क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है।

‘जलशक्ति मंत्री के जिले में हर घर नल योजना भी फ्लाॅप’

कहा कि बुंदेलखंड में सरकार की ‘हर घर नल योजना’ पूरी तरह से फ्लाॅप साबित हुई। उन्होंने कहा कि बांदा में खासकर तिंदवारी क्षेत्र में जहां खुद जलशक्ति राज्यमंत्री का घर है, वहां भी हर घर नल योजना का हाल बहुत बुरा है।

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लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं। सड़कें तक नहीं बनी हैं। क्षेत्र के युवा रोजगार के लिए परेशान हैं।

पैलानी बाराघाट यमुना पुल को बताया क्षेत्र का बड़ा मुद्दा

उन्होंने कहा कि पैलानी क्षेत्र के विकास के लिए बाराघाट यमुना पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। इस सरकार इस पुल पर कोई काम नहीं किया। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर सपा के पूर्व सांसद ने सरकार पर हमला बोला।

कौन हैं विशंभर प्रसाद निषाद, यहां पढ़िए ..

विशंभर प्रसाद निषाद की गिनती सपा के कद्दावरों में होती है। वह कश्यप, बिंद, मछुआ समुदाय और निषाद समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। मुलायम सिंह यादव मंत्रिमंडल में राजस्व राज्य मंत्री, पशुधन एवं मत्स्य राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रह चुके हैं। इसके अलावा मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में तीसरी बार भूतत्व खनिकर्म मंत्री भी रहे हैं।

कई बार रहे मंत्री-राज्यसभा सांसद भी

एमए/एलएलबी शिक्षित विशंभर निषाद पहली बार 1991 में तिंदवारी से विधायक चुने गए। फिर 1993 विधायक बनकर मंत्री भी बने। 1996 में फतेहपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद बन गए। 1998 और 1999 में इसी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।

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2002 और 2007 में तिंदवारी से फिर विधायक बने। इसके बाद कैबिनेट मंत्री रहे। सपा से राज्यसभा सांसद चुन लिए गए। विशंभर निषाद 2016 में दोबारा 6 साल के लिए राज्यसभा सांसद बने। उनका कार्यकाल 16 जुलाई 2022 को खत्म हुआ। सपा में चौथी बार राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी निभाई।

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