Monday, June 15सही समय पर सच्ची खबर...

Tag: drinking water crisis

बांदा में भूरागढ़ फीडर का केबिल बाक्स फुंकने से बत्ती गुल, 7 घंटे गर्मी से बिलबिलाए लोग

बांदा में भूरागढ़ फीडर का केबिल बाक्स फुंकने से बत्ती गुल, 7 घंटे गर्मी से बिलबिलाए लोग

Breaking News, बांदा, बुंदेलखंड
समरनीति न्यूज, बांदाः शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भूरागढ़ फीडर की जर्जर हालत जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। फीडर का केबल बाक्स फुंकने से शहर के एक चैथाई हिस्से की बिजली गुल हो गई। करीब 7 घंटे तक भीषण गर्मी में लगभग 40 हजार से ज्यादा लोग परेशान रहे। नलों में पानी नहीं आया। रोजेदारों को भी काफी समस्या का सामना करना पड़ा। 12 से ज्यादा मोहल्ले रहे अंधेरे में  बताते चलें कि भूरागढ़ गांव में बने फीडर से शहर के 12 से ज्यादा मोहल्लों के अलावा जल संस्थान के इंटेकवेल और पंप स्टेशनों को बिजली की सप्लाई होती है। बताया जाता है कि करीब 7 बजे भूरागढ़ फीडर का केबिल बाक्स फुंक गया। इससे 12 से ज्यादा मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इनमें मढ़िया नाका, खिन्नी नाका, फूटा कुआं, कलामतपुरा, रहुनिया, खुटला, ऊंट मोहाल, मर्दन नाका मोहल्ले शामिल रहे। रात करीब 2 बजे बि...
हाल-ए-बांदाः पानी की बूंद-बूंद को तरसी जनता सड़क पर, बोली- ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’

हाल-ए-बांदाः पानी की बूंद-बूंद को तरसी जनता सड़क पर, बोली- ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’

Breaking News, Feature, Today's Top four News, उत्तर प्रदेश, बांदा, बुंदेलखंड, लखनऊ, लोकसभा चुनाव -2019
समरनीति न्यूज, लखनऊ/बांदाः बांदा की जनता सड़क पर उतर आयी है। नेताओं के लिए उनका एक ही संदेश है-'पानी नहीं तो वोट नहीं'। नाराज लोग 'पानी नहीं तो वोट नहीं' का बैनर टांगकर अपना विरोध जता रहे हैं। बैनर में स्पष्ट लिखा है किसी भी दल का उम्मीदवार और उनके समर्थन इलाके में वोट मांगने न आए। बांदा की जनता पानी की समस्या के निस्तारण के लिए सैकड़ों बार जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन के दर पर पहुंचे लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। इसके लिए इन लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। फिलहाल चुनाव मतदान के ऐन मौके पर जनता भी इन्हें सबक सिखाने का ठान चुकी है। शहर के अधिकांश मोहल्लों में 'पानी नहीं तो वोट नहीं' का बैनर टांगकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। लोगों का कहना है कि न जनप्रतिनिधियों को उनकी फिक्र है और न अधिकारियों को। नहीं बदल रही नियति बुंदेलखंड का पानी के लिए तरसना विडंबना ही। बदनसीबी और राजनैतिक अन...