
समरनीति न्यूज, लखनऊ: यूपी के नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन आज सोमवार को विस्फोटक हो गया। नोएडा में वेतनवृद्धि और अन्य मांगों को लेकर चल रहा श्रमिकों का आंदोलन आज तोड़फोड़ और आगजनी में बदल गया। श्रमिकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। बताते हैं कि बीते 3-4 दिन से चल रहा शांतिपूर्ण धरना आज बवाल में बदल गया। श्रमिकों ने फैक्ट्रियों पर पथराव करते हुए पुलिस की गाड़ियां भी पलट दी। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
मुख्यमंत्री ने गठित की हाई लेवल कमेटी
स्थिति को देखते हुए पूरे एनसीआर में हाईअलर्ट जारी किया गया है। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण खुद स्थिति पर पूरी नजर रख रहे हैं। सोशल मीडिया के 50 से ज्यादा संदिग्ध एकाउंट भी पहचाने गए हैं।
ये भी पढ़ें: यूपी में 12 IPS के तबादले, जालौन-मेरठ और प्रतापगढ़ में नए एएसपी
बताते हैं कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों ने वेतन बढ़ोत्तरी, बोनस समेत अन्य मांगों को लेकर कमेटी बनाने की मांग कर रहे थे। आज श्रमिकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
नोएडा में भारी पुलिस फोर्स तैनात
प्रदर्शन के चलते नोएडा और दिल्ली के बीच भारी जाम लग गया। हजारों लोग जाम में फंस गए। औद्योगिक असामंजस्य को खत्म करने और संतुलन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
इस समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार करेंगे। मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। उधर, अफवाह फैलाने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
वहीं घटना को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव का बयान आया है। अखिलेश यादव ने कहा है कि बेरोजगारी और महंगाई के चलते हालात बिगड़े हैं।
ये भी पढ़ें: अमरोहा से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार होगा जल्द, UPEIDA ने मांगी 62 गांवों की सूची़े..
अमरोहा से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार होगा जल्द, UPEIDA ने मांगी 62 गांवों की सूची़े..
मशहूर गायिका आशा भोंसले का निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांसें
