
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा में 2017 से पहले वाले यानी पूर्व सरकारों वाले हालात दिखाई दे रहे हैं। खनिज तहबाजारी के नाम पर खुलेआम सड़कों पर गुंडा टैक्स वसूली हो रही है। आयुक्त अजित कुमार ने 3 महीने पहले महोबा में ऐसी ही वसूली करने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन बांदा में सख्ती का इंतजार है। जिला पंचायत के अधिकारियों ने भी माना है कि उनके पास भी शिकायतें आ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चुनावी वर्ष में सत्ता के नेताओं से लेकर विपक्षी नेता तक चुप हैं।
सीधे चुनावों पर असर डालेगी यह वसूली
गिरवां, मटौंध, जसपुरा और पैलानी जैसे क्षेत्रों में खनिज तहबाजारी के नाम पर वसूली हो रही है। सू्त्रों की माने तो दूसरे जिलों और मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों से भी खनिज तहबाजारी के नाम पर रोज लाखों रुपए की वसूली हो रही है।
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इस संबंध में ट्रांसपोर्टर कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। हालात यह हैं कि सीधे सरकार की छवि पर दाग लग रहा है। नियम है कि जिला पंचायत की खनिज तहबाजारी सिर्फ उद्गम स्थल पर ही होगी। जब खदाने चल रहीं होंगी।
AMA बोले, हमारे पास भी आ रहीं शिकायतें
मौजूदा समय में बांदा में एमपी बार्डर, जसपुरा और मटौंध जैसे क्षेत्रों में वसूली की जा रही है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (AMA) अरविंद मोहन ने कहा कि उनके पास भी इस तरह की शिकायतें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि अभी वह छुट्टी पर हैं, स्वास्थ्य खराब था। लौटते ही मामले को देखेंगे। यह गुंडाटैक्स वसूली नहीं तो क्या है? लोगों को यह वसूली पुरानी सरकारों यानी 2017 से पहले बांदा की सड़कों पर होने वाली गुंडा टैक्स वसूली की याद दिला रही है।
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