
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा जिला पंचायत का वर्ष 2026-27 का खनिज परिवहन शुल्क वसूली का ठेका विवादों से घिर गया है। ‘पांडेय समूह’ के नाम हुआ यह ठेका 19,04,99,368 रुपए में स्वीकृत हुआ है, जो बीते वर्ष की अपेक्षा दो गुने से ज्यादा है। 30 अप्रैल 2026 को ई-नीलामी के जरिए हुए इस ठेके के बाद जिले में तहबाजारी के नाम पर सीधे गुंडा टैक्स वसूली शुरू हो गई। नियम-कानून ताक पर रख सड़कों पर वसूली होने लगी। ट्रांसपोर्ट यूनियन ने आयुक्त से शिकायत की है। एएमए ने शिकायतों की बात स्वीकार की है। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। अवैध वसूली जारी है।
महोबा के पांडे ग्रुप ने लिया है तहबाजारी ठेका
दरअसल, यह ठेका पूरी तरह से विवादों से घिर गया है। 9 करोड़ के ठेके को पांडे ग्रुप ने सीधे 19 करोड़ में लिया। चर्चा है कि इस ठेके को बढ़ी कीमतों पर लेने का लेने के पीछे सड़कों पर अवैध वसूली की योजना थी। जो अब खुलकर सामने आ रही है।

गिरवां-मटौंध से जसपुरा क्षेत्र में अंधाधुंध वसूली
नरैनी में दो दिन पहले पुलिस ने अवैध वसूली के अड्डे को धवस्त किया। इसके बावजूद मटौंध और गिरवां-नरैनी, जसपुरा-तिंदवारी इलाकों में खुलेआम अवैध वसूली हो रही है। हालात यह हैं कि सड़कों के किनारे पेड़ों पर वसूली चार्ट टांगकर अवैध वसूली की जा रही है।
उद्गम स्थल के नियम की उड़ा रहे धज्जियां

नियम है कि तहबाजारी वसूली खदानों पर ही होगी। यानी सिर्फ उद्गम स्थल पर होगी। अब न तो खदानें चल रही हैं। न ही कोई उद्गम स्थल हैं।
पेड़ों पर टंगे हैं जिला पंचायत वसूली के बोर्ड
सीधे तौर पर दूसरे जिलों के वाहनों यहां तक कि एमपी के वाहनों से भी अवैध वसूली की जा रही है। हालांकि, बिना स्थानीय राजनीतिक सहमति और संरक्षण के इतना बड़ा वसूली का अवैध खेल संभव नहीं है।

लेकिन यह भी तय है कि अगर मामला शासन तक पहुंचा तो ठेका तो रद्द होगा ही, कार्रवाई भी बहुत बड़ी होगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल
माफियाओं के खिलाफ योगी सरकारी की सख्ती किसी से छिपी नहीं है। बताते चलें कि बांदा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने स्वीकार किया है कि शिकायतें आ रही हैं। इसके बावजूद कार्रवाई अभी कोसों दूर है। चुनावी वर्ष में इस तरह के हालात नेताओं की छवि पर भी भारी पड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस अवैध वसूली से जुड़े वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं।
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