
समरनीति न्यूज, बांदा: लखनऊ में रिटायर एआरटीओ ललित कुमार के घर विजिलेंस छापे में 22 किलो सोना-चांदी और करोड़ों की चल-अचल संपत्ति बरामद हुई। इस घटनाक्रम ने परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पर्ते खोल दी हैं। सूत्रों की माने तो सरकार परिवहन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बना रही है। बहरहाल, इस छापे के बाद बांदा का आरोटीओ विभाग और यहां के अधिकारी भी चर्चा में आ गए हैं। इसकी वजह बांदा एमपी बार्डर है।
एमपी बार्डर से यूपी में घुसते हैं ओवरलोड खनन ट्रक-डंपर
बांदा के रास्ते एमपी बार्डर से रोज सैकड़ों ओवरलोड बालू-गिट्टी के ट्रक यूपी में इंट्री कर रहे हैं। चर्चा है कि बांदा आरटीओ विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।

एमपी के माफियाओं की ओवरलोडिंग यूपी की सड़कों को बर्बाद कर रही है। फिर भी आरटीओ विभाग, पीडब्ल्यूडी, सीमावर्ती थानों की पुलिस चुप है।
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बांदा आरटीओ विभाग की बात करें तो दो-चार ट्रकों, बिना हेलमेट बाइक चालकों को पकड़ते और फोटो खिंचाते दिखते हैं। कभी एमपी बार्डर पर आरटीओ विभाग के अधिकारी कार्रवाई नहीं करते।

पहले हो चुकी हैं कई अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाइयां
बताते चलें कि गिरवां के एक तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर तक इस मामले में हो चुकी है। अब लखनऊ में एआरटीओ ललित कुमार के घर मिली 30 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई के बाद बांदा के एमपी बार्डर और यहां से होने वाली अवैध ओवलोड इंट्री चर्चा में है।
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