
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा स्वास्थ्य विभाग में जीपीएफ खातों में फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। प्रयागराज से बांदा पहुंची जांच टीम दो दिन से डेरा डाले है। सोमवार और मंगलवार को एडी स्वास्थ्य कार्यालय में जांच टीम ने अभिलेखों को खंगाला। सूत्रों की माने तो रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का मिलान किया जा रहा है।

GPF खाते में मौजूद रकम से कई गुना ज्यादा ऋण..
जानकारी के अनुसार, जांच में पता चला नेत्र रोग विशेषज्ञ के जीपीएफ खाते से 70 लाख रुपए से ज्यादा का ऋण लिया गया। जबकि खाते में इतनी रकम जमा ही नहीं थी।
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इसी तरह महोबा स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक संतोष वर्मा पर लगभग 85 लाख रुपए के गबन का गंभीर आरोप है। इन सभी मामलों की जांच की जा रही है।
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