
समरनीति न्यूज, लखनऊ: भोपाल में मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र का गुरुवार को 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने दोपहर लगभग 12 बजे अंतिम सांसें लीं। उनकी पत्नी राहत बद्र ने उनके निधन की पुष्टि की है।
भोपाल में लीं अंतिम सांसें
बताते चलें कि शायर बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को आसान और बोलचाल की भाषा में नई पहचान दिलाई। उनके शेर साहित्यिक महफिलों से निकलकर हर आम आदमी तक पहुंचे।
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बशीर बद्र के निधन के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनका एक शेर खूब साझा कर रहे हैं। बताते हैं कि यह शेर उनके घर के बाहर भी तख्ती पर लिखा हुआ है.. “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।”
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बताते चलें कि बीते कई वर्षों से मशहूर शायर बशीर बद्र डिमेंशिया से पीड़ित थे। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि करोड़ों लोगों को अपने शेर याद कराने वाले शायर धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोते चले गए।
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