
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा की विशेष कोर्ट ने बच्चों के यौन शोषण मामले में दोषी जेई और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है। इस जेई और उसकी पत्नी पर 37 मासूम बच्चों का यौन शोषण के आरोप थे। कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई।
2020 में सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
कोर्ट ने पीड़ित बच्चों के परिवारों को राज्य व केंद्र सरकारों से 10-10 लाख की आर्थिक सहायता के आदेश भी दिए हैं। जानकारी के अनुसार, विशेष अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर दंपती को दोषी पाया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अत्यंत जघन्य और दुर्लभतम श्रेणी का अपराध है। इसमें बच्चों की मासूमियत को तार-तार कर दिया गया। बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया।
बच्चों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो मामले में दोषी
समाज में इस तरह के अपराधों को रोकने के उद्देश्य से अदालत ने दोनों को मृत्युदंड दिया। शासकीय अधिवक्ता सौरभ सिंह ने बताया कि कोर्ट ने पीड़ित परिवारों को राज्य व केंद्र से 10-10 लाख की सहायता के भी आदेश दिए हैं। दरअसल, बच्चों के यौन शोषण के जघन्य अपराध का यह मामला चित्रकूट में सामने आया था।
पति के साथ पत्नी भी थी इस जघन्य अपराध में शामिल
सीबीआई ने पूरे मामले की गहनता से जांच की। फिर पुख्ता सबूतों के आधार पर दोषी सिंचाई विभाग के जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार किया। दोनों को 2020 में गिरफ्तार किया गया था। जेई के घर से पेन ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल जैसे कई महत्वपूर्ण पकरण मिले थे। इनसे बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटोज मिली थीं। इन्हीं सबूतों के आधार पर दोनों दोषी सजा पा सके।
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