
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा में अधिवक्ता संघ ने उत्खनन के खिलाफ की मांगों को लेकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, बांदा अधिवक्ता संघ आज बांदा-बुंदेलखंड में व्यापक पैमाने पर हो रहे उत्खनन को लेकर आयुक्त अजीत कुमार से मिला। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष विमल सिंह ने कहा कि उत्खनन से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। तापमान अप्रैल में ही 47 डिग्री के पार जा चुका है। अधिवक्ता संघ ने कहा कि जल्द ही हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान की बात कही
यह बेहद चिंता की बात है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पहाड़ों को मिटाया जा रहा है। इससे बुंदेलखंड का भौगोलिक स्वरूप बदलता जा रहा है। साथ ही मांग उठाई कि बांदा व बुंदेलखंड में उत्खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
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कहा कि बांदा के साथ ही महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में भी अवैध खनन बंद किया जाना चाहिए। साथ ही कहा कि नदियां बचाओ-पहाड़ बचाओ जंगल बचाओ नाम से अधिवक्ता संघ हस्ताक्षर अभियान चलाएगा।
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ताकि आम लोगों को इस संकट के प्रति जागरूक किया जा सके। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के अलावा बार के महासचिव राजेश कुमार त्रिपाठी, शिवपूजन पटेल, राजेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह, अशोक दीक्षित, विवेक सिंह गौर आदि मौजदू रहे।
अखिलेश यादव ने लिखा था बांदावासियों को पत्र
बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बांदावासियों के नाम एक पत्र लिखा था। ‘एक्स’ एकाउंट पर पोस्ट लिखकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उत्खनन के दुष्प्रभाव से चेताया था।
कहा था कि बांदा में अगर खनन पर रोक नहीं लगी तो इसका आस्तित्व मिट जाएगा। लोग यही कहेंगे कि एक था बांदा..। इसके बाद खनन से नुकसान को लेकर बांदा में नई सोच असर कर रही है।
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