
मनोज सिंह शुमाली, ब्यूरो: बांदा में उत्खनन का पुराना मुद्दा है, लेकिन इस बार इसे उठाया है पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पर्यावरण की दृष्टि से बांदा को लेकर बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया है। इसे लेकर उन्होंने एक ट्वीट भी किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बांदा के नाम पत्र लिखा है। अखिलेश यादव का पत्र बांदा के नाम..यह ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पूर्व CM ने अपने एक्स (X) एकाउंट पर लिखा यह पत्र..
अखिलेश यादव ने अपने ट्वीटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि “प्रिय बांदा वासियों, अगर बांदा का शोषण-दोहन लगातार यूँ ही होता रहा तो एक दिन दुनिया कहेगी : एक था बांदा। आज की धन लोभी भाजपा सरकार और उनके पालित-पोषित लालची ठेकेदारों द्वारा निर्मम उत्खनन के कारण बांदा को साज़िशन ख़त्म किया जा रहा है।

‘बांदा’ को मिटाया जा रहा है और दूसरी जगहों को बसाया जा रहा है। बांदा के इस ‘प्राकृतिक उत्पीड़न’ के कारण स्थानीय पैदावार चक्र भी बुरी तरह प्रभावित होना शुरू हो चुका है और काम-कारोबार की कमी की वजह से लोग दूसरी जगह जा रहे हैं। इससे बांदा ‘प्राकृतिक पलायन’ का शिकार हो रहा है। इसी कारण की वजह से बांदा की हर संपत्ति का मूल्य भी घट रहा है और बांदा का मान भी।
बांदा के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व ऐतिहासिक गौरव और पर्यटन को बचाने के लिए स्थानीय नागरिक, पत्रकार, पर्यावरण संरक्षक, छात्र-युवा संगठन, महिला शक्ति, राजनीति से ऊपर उठकर सभी तरह के सांस्कृतिक-साहित्यिक आंदोलनकारी व सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई हस्तियां, क्लब और सोसाइटियां, सब एकजुट होकर सामने आएं और सक्रिय हों, नहीं तो पर्यावरण के नक्शे पर बांदा कहीं नहीं दिखेगा और प्राकृतिक-ऐतिहासिक के साथ-साथ अपना सामाजिक-आर्थिक महत्व भी हमेशा के लिए खो देगा।”
अप्रैल में ही बांदा में तापमान 47 डिग्री पार का रिकार्ड
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की यह पोस्ट इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस बार अप्रैल में ही बांदा में भीषण गर्मी का ऐसा रिकॉर्ड बन गया है जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। बांदा का तापमान अप्रैल में ही 47.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
ये भी पढ़ें: ‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं..’, अखिलेश यादव के तंज से यूपी की पाॅलिटिक्स में हलचल-पलटवार
यह उस समय विश्व में सबसे अधिक दर्ज तापमान बताया गया है। इसके बाद लगातार चार दिनों तक जिले का अधिकतम तापमान 45 डिग्री से ऊपर रहा। यह सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि बदलते जलवायु संतुलन की गंभीर चेतावनी है। बांदा का लगातार बढ़ता तापमान बड़े जलवायु परिवर्तन और भविष्य के खतरनाक हालातों की ओर इशारा कर रहा है।
ये भी पढ़ें: देश में बांदा 44.4 डिग्री तापमान से सबसे ज्यादा गर्म-झांसी-चित्रकूट में भी भीषण गर्मी का अलर्ट
ये भी पढ़ें: UP : अखिलेश की गुगली में फंसे केशव, 24 घंटे में पीएम मोदी से भी ज्यादा पुकारा नाम
UP : अखिलेश की गुगली में फंसे केशव, 24 घंटे में पीएम मोदी से भी ज्यादा पुकारा नाम
देश में बांदा 44.4 डिग्री तापमान से सबसे ज्यादा गर्म-झांसी-चित्रकूट में भी भीषण गर्मी का अलर्ट
‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं..’, अखिलेश यादव के तंज से यूपी की पाॅलिटिक्स में हलचल-पलटवार
