
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा पुलिस ने जालसाजी कर दूसरे की जमीन बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों में चकबंदी लेखपाल समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जालसाज गिरोह में चकबंदी लेखपाल मुख्य कर्ताधर्ता बतायाजा रहा है। दो ईनामी भी शामिल हैं। गिरफ्तार चकबंदी लेखपाल व आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने पूरे संगठित गिरोह का खुलासा किया है।
दो आरोपियों पर 25-25 हजार का ईनाम
बताते हैं कि पुलिस ने चकबंदी लेखपाल और मुख्य आरोपी के अलावा 25-25 हजार के ईनामी दो अभियुक्तों को जेल भेजा है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटाॅप, CPU, कलर प्रिंटर , 38 लाख की चेक व अन्य दस्तावेज मिले हैं।
7 लोगों को पहले ही जेल भेज चुकी पुलिस
बताते हैं कि इससे पूर्व भी पुलिस ने इसी गिरोह के 7 सदस्यों को जेल भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि अभी विवेचना में कई और नाम सामने आ सकते हैं।
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बताते चलें कि एसपी पलाश बंसल के निर्देशों पर एएसपी शिवराज व सीओ सिटी (आईपीएस) मेविस टाक के नेतृत्व में कार्रवाई चल रही है। मटौंध थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह व उनकी टीम ने इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है।
ये हैं पकड़े गए चारों आरोपी और लेखपाल
चारों आरोपियों में मुख्य आरोपी 25 हजार का ईनामी राजेश निवासी मुहल्ला खाईंपार हाल-पता बिजलीखेड़ा, 25 हजार के ईनामी करछा गांव के हरीकरन,
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चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश निवासी ग्राम पियरा थाना मऊ (चित्रकूट) तथा फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला श्रीराम निवासी ग्राम करछा मटौंध को गिरफ्तार किया है।
शहर के देबिया ने लिखाया था मुकदमा
पुलिस कहना है कि शहर के खुटला मुहल्ले के देबिया ने 12 फरवरी को थाना मटौंध में मुकदमा लिखाया था। उनका कहना था कि 6 अगस्त 2025 को उनकी जमीन को कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेजों बनाकर बेच दिया है।
दूसरे की 34 बीघा जमीन, तीसरे को बेची
इस तरह उनकी 34 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री बिजलीखेड़ा के आजम खान के नाम कर दी है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को पहले जेल भेजा था।
7 पहले जा चुके, अभी और जाएंगे जेल
अब चार अन्य आरोपियों को पकड़ा गया है। बताते हैं कि जमीन खरीदने वाले आजम खान को भी यह पता है कि रजिस्ट्री फर्जी है। फिर भी उसने जमीन खरीदी है। बताते हैं कि अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टाक मामले की जांच कर रही हैं।
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