
समरनीति न्यूज, लखनऊ: अखिलेश यादव के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के शेयर वीडियो पर तंज से यूपी की राजनीतिक में हलचल मच गई है। अखिलेश यादव ने दोनों डिप्टी सीएम के वीडियो पर तंज कसते हुए कहा कि ‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।’ सपा मुखिया के तंज पर दोनों डिप्टी सीएम, बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने भी तीखा पलटवार किया है।
सपा मुखिया ने दोनों डिप्टी सीएम के वीडियो पर कसा था तंज
इसके साथ ही यूपी की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। दरअसल, जिस वीडियो को लेकर यह जुबानी विवाद शुरू हुआ है, वह शुक्रवार का है। दोनों डिप्टी सीएम बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कुशीनगर में भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पहुंचे थे।
ये भी पढ़ें: यूपी विधानमंडल सत्र: CM Yogi बोले-सपा को देख गिरगिट भी शर्मा जाए
वहां बने वीडियो में दोनों डिप्टी सीएम साथ-साथ दिखाई दिए। शेयर वीडियो में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पहुंचना बड़े सौभाग्य की बात है।
यूपी की राजनीतिक में तेज हुई जुबानी जंग-गलियारें में चर्चाएं
इसी वीडियो पर बाद में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए एक्स पर शेयर किया। तंज में लिखा कि ‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।’
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार में कहीं ये बातें..
सपा मुखिया पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने एक्स एकाउंटर पर लिखा है कि ‘आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी, एक फिट और हिट जोड़ी से आपका घबराना निहायत ही जायज है। क्योंकि केशव प्रसाद मौर्य और श्री ब्रजेश पाठक जी की जोड़ी आज जनता के भरोसे की पहचान बन चुकी है’…
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने पलटवार में कहीं ये बातें..
उधर, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी सपा मुखिया के तंज पर पलटवार किया है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने एक्स पर लिखा है कि ‘आज के उत्तर प्रदेश की सुपर जोड़ी की चर्चा सब जगह है, इसलिए अखिलेश जी मैं आपकी परेशानी समझ सकता हूं। मेरे परम मित्र और पारिवारिक सदस्य श्री केशव प्रसाद मौय और मेरे घर के दरवाजे जनता जनार्दन की सेवा के लिए 24 घंटे खुले हैं’…
ये भी पढ़ें: ‘पद के बदले सेक्स’ विवाद, बीजेपी जिलाध्यक्ष-महिला नेता में समझौते से थमा
बहरहाल, इस राजनीतिक जुबानी जंग से नई हलचल सी मची हुई है। बताते चलें कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव और दोनों डिप्टी सीएम के बीच जुबानी जंग का यह कोई पहला मामला नहीं है।
ये भी पढ़ें: 2027 से पहले यूपी की राजनीति में ‘जातिवाद’ की एंट्री! राजपूतों के बाद BJP के ब्राह्मण विधायकों की बैठक
