
मनोज सिंह शुमाली, लखनऊ : सुल्तानपुर में मंगेश यादव एनकाउंटर से यूपी की सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए बयान दिया था घर से उठाकर मारा गया है। आज मानवाधिकार टीम भी मामले की जांच को पहुंची है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि जाति देखकर यह फर्जी एनकाउंटर किया गया है।
सुल्तानपुर में हुआ था एनकाउंटर
बताते दें कि सुल्तानपुर में सराफा डकैती के आरोपी एक लाख के ईनामी मंगेश यादव को एसटीएफ-पुलिस ने एनकाउंटर में मारने का दावा किया था। वहीं दूसरी ओर सपा मुखिया ने कहा था कि फर्जी एनकाउंटर के बाद मेडिकल रिपोर्ट बदलवाने की कोशिशें हो रही हैं। कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय तुरंत संज्ञान ले, कहीं इससे पहले कि सुबूत न मिटा दिए जाएं।
मुख्य आरोपी पहले जा चुका जेल
सपा मुखिया ने बयान दिया था कि ऐसा लग रहा है कि सुल्तानपुर डकैती में सत्ता पक्ष के लोगों का मुख्य आरोपी से गहरा संपर्क रहा। इसीलिए उससे संपर्क कराकर सरेंडर कराया गया। उधर, आज शुक्रवार को मामले की जांच के लिए मानवाधिकार आयोग की टीम पहुंची है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह यादव ने मामले की शिकायतराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की है। जांच की जा रही है।
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