
समरनीति न्यूज, लखनऊ: यूपी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर झूंसी थाने में हुई है। एफआईआर में उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी भी आरोपी हैं।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
यह केस बच्चों के साथ यौन शोषण से जुड़ा है। इसमें दो तीन अन्य को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। यह मामला स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है।
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शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती व उनके शिष्य के खिलाफ आरोप लगाए हैं। ये आरोप बच्चों के यौन शोषण के हैं। उनकी ओर से कोर्ट में अर्जी दी गई थी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा..
इस एफआईआर के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद पर आरोप लगाने वाले वादी को लेकर बयान दिया है। उन्होंने वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर आरोप लगाए हैं कि उनके खिलाफ पहले से कई मुकदमें हैं।
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उन्होंने वादी आशुतोष को अपराधी बताया है। वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों का खंडन किया है। बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में हुए विवाद के बाद से चर्चा में हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को जा रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोका था। इसके बाद वह धरने पर बैठ गए। मामला इतना बढ़ा कि राजनीतिक भी गरम हो गई।
विपक्षी पार्टियों ने भी मामले में बयानबाजी की। फिर 28 जनवरी को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह घोषणा की, कि इस माघ मेले में स्नान नहीं करेंगे।
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