
समरनीति न्यूज, उन्नाव: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रसिद्ध शायर मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। शहर के हसरत मोहानी पुस्तकालय (धवन रोड) में उत्साह से कार्यक्रम हुआ। देश की आजादी में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया।
यशभारती से सम्मानित फारूक अहमद रहे मुख्य अतिथि..
मुख्य अतिथि हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं यश भारती से सम्मानित फारूक अहमद रहे। उन्होंने कहा कि हसरत मोहानी वही शख्सियत थे जिन्होंने पहली बार ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा दिया था।

वक्ताओं बोले-मौलाना मोहानी के जीवन से प्रेरणा लें युवा
उन्होंने न केवल कलम से अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लड़ा। बल्कि स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा देने को पत्नी संग स्वदेशी भंडार भी खोला। मौजूद लोगों ने उनकी प्रसिद्ध गजल ‘चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है’ गुनगुनाकर श्रद्धांजलि दी गई।
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युवाओं से अपील की, कि वे मौलाना मोहानी के जीवन से प्रेरणा लें। सभी ने उन्हें भारत रत्न व उनके नाम पर शहर के किसी पार्क या चौराहे का नाम करने की मांग की।

कार्यक्रम में इन बुद्धिजीवियों ने रखे अपने विचार..
इस मौके पर अरविंद श्रीवास्तव, मुकेश यादव, प्रवीन मिश्रा, समाज सेविका गौसिया खान, डाॅ. रामनरेश, दिनेश प्रियमन, हारून अहमद, मो. अहमद, फजलुर्रहमान, रहमतुल्ला खान एडवोकेट, अजमल एडवोकेट, सैयद सगीरुल हसन, मुन्ना भाई, सैयद अली आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष अतीक अहमद ने की। संचालन अनवर अशहर ने किया। वेलफेयर अकैडमी के प्रबंधक अबरार हुसैन ने अतिथियों का स्वागत कर शुक्रिया अदा किया।
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