
समरनीति न्यूज, कानपुर: कानपुर पुलिस ने किडनी कांड का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने IMA की उपाध्यक्ष डाॅ प्रीति उनके पति समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। IMA उपाध्यक्ष डाॅ प्रीति आहूजा के अलावा इनमें 3 अन्य डाॅक्टर हैं। दरअसल, शहर के कल्याणपुर और रावतपुर के 3 अस्पतालों में पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का खुलासा किया है। पकड़े गए लोगों में कानपुर IMA उपाध्यक्ष डॉ प्रीति, उनके पति डॉ सुरजीत सिंह आहूजा समेत 3 अन्य डाॅक्टर और एक एजेंट है।
प्रेसवार्ता में पुलिस आयुक्त ने दी पूरी जानकारी-4 डाॅक्टर फरार
चार में 3 अस्पतालों के संचालक डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. रामप्रकाश और डॉ. राजेश कुमार तथा एक एजेंट शिवम हैं। इस मामले का खुलासा कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने प्रेसवार्ता में किया। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि किडनी डोनर आयुष बिहार का है। उत्तराखंड से एमबीए 4-th सेमेस्टर का छात्र है।
नोएडा के स्कूल संचालक की पत्नी के ट्रांसप्लांट से हुआ खुलासा
वहीं दूसरी ओर किडनी लेने वाली महिला नोएडा के एक बड़े स्कूल के संचालक की पत्नी है, जिनका नाम पारुल है। इन डाॅक्टरों ने अवैध रूप से पारुल का ट्रांसप्लांट रविवार को किया है।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि डाॅक्टरों का यह पूरा रैकेट है। इस रैकेट के चार डाॅक्टर अभी फरार हैं। कानपुर के 50 हाॅस्पिटल जांच के दायरे में
हैं। बताया कि आरोपी डाॅक्टरों ने पिछले महीने साउथ अफ्रीका की एक महिला अरेबिका का भी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किया था।
पुलिस की जांच के दायरे में हैं कानपुर के 50 और अस्पताल
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का कहना है कि सूचनाएं काफी समय से मिल रही थीं। पुष्टि के अभाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस की सूचना पर ही स्वास्थ्य विभाग ने आरोही हॉस्पिटल की जांच की थी।
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जांच के बाद आरोही हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। 23 मार्च को आरोही हॉस्पिटल के डॉक्टर राजेश ने मेड लाइफ हॉस्पिटल के संचालक से मिलीभगत कर उससे साझेदारी कर ली।
टेलीग्राम पर चल रहा था किडनी बिक्री का अवैध धंधा
फिर पुलिस जांच में सामने आया है कि नोएडा के स्कूल संचालक की पत्नी पारुल की दोनों किडनी खराब थीं। 8 साल से उसका मेरठ के अस्पताल में इलाज हो रहा था। डॉक्टर अफजाल ने अपने टेलीग्राम ग्रुप में किडनी जरूरत की सूचना पोस्ट की।
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टेलीग्राम से ही आयुष ने डाॅक्टर से किडनी दान करने के लिए संपर्क किया। मामले में डॉक्टर रोहित उर्फ राहुल का भी नाम सामने आया है। यही डॉक्टर अपनी पूरी टीम के साथ किडनी ट्रांसप्लांट किया करते थे।
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पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई हुई है। इस मामले में नोएडा और लखनऊ के भी तीन डॉक्टरों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। 4 लोग मामले में वांछित हैं।
इन डाॅक्टर्स की हुई है गिरफ्तारी
- डाॅ. सुरजीत सिंह आहूजा पुत्र सरदार अजीत सिंह निवासी- 117/एल-313, नवीन नगर, काकादेव, कानपुर।
- डाॅ. प्रीति आहूजा पत्नी सुरजीत सिंह आहूजा निवासी-117/एल-313, नवीन नगर, काकादेव, कानपुर।
- डाॅ. राजेश कुमार निवासी कल्याणपुर, कानपुर नगर।
- डाॅ. राम प्रकाश निवासी अंबेडकरपुरम, कल्याणपुर, कानपुर नगर।
- डाॅ. नरेंद्र सिंह निवासी ग्राम पथार पोस्ट मूसानगर कानपुर देहात।
- शिवम अग्रवाल निवासी 70, देवी सहाय नगर नियर दुर्गा माता मंदिर कल्यानपुर, कानपुर नगर।
ये डाक्टर्स हैं वांछित
- डाॅ. रोहित उर्फ राहुल।
- डाॅ. अफजल।
- वैभव।
- अनुराग उर्फ अमित।
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