
समरनीति न्यूज, बांदा: अधिकारियों की लापरवाही से बांदा जेल रोड पर ‘इधर गड्ढा-उधर खाई’ वाले जानलेवा हालात बने हैं। यह नगर पालिका और जलसंस्थान के अधिकारियों की गैरजिम्मेदारी का नतीजा है। इधर गड्ढा-उधर खाई की वजह एक तरफ खुले मैनहोल हैं तो दूसरी तरफ खुदी पड़ी सड़क।
जेल गेट के पास बड़ी अनहोनी की आशंका

दरअसल, बांदा जिला कारागार के मेन गेट के पास नालों के मैनहोल बीते कई महीनों से खुले पड़े हैं। इससे हादसों की आशंका बनी हुई है।

जलसंस्थान ने नई बनी सड़क खोदकर की बर्बाद
खबरें प्रकाशित के बाद भी नगर पालिका की ओर से इस दिशा में सुधार की कोई पहल नहीं हुई। बाद में जलसंस्थान ने दूसरी तरफ की सड़क खोदकर हालात और बदतर कर दिए।

स्कूली बच्चों समेत सैकड़ों लोग रोज आते-जाते
जलसंस्थान ने कुछ दिन पहले पाइप लाइन ठीक करने के लिए आधी सड़क खोद डाली। इसके बाद हालात यह हो गए कि एक तरफ कई-कई फुट गहरे मैनहोल खुले पड़े हैं।
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सवाल यह उठता है कि अगर कोई हादसा हो गया या किसी की जान चली गई तो जिम्मेदार कौन सा विभाग होगा? नगर पालिका या जलसंस्थान?

क्षेत्र के प्रमोद, विकास, राजेश गुप्ता, केपी त्रिपाठी और शिव सिंह आदि लोगों का कहना है कि इस जेल रोड मार्ग से स्कूली बसें, कचेहरी जाने वाले अधिवक्ता और सैकड़ों वाहन रोज गुजरते हैं। मगर इसके बाद भी सड़क पर खतरा बना हुआ है।
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