
समरनीति न्यूज, बांदा: बांदा में वन कर्मियों ने एक किसान की बैलगाड़ी फूंक दी। पीड़ित किसान ने मामले में बदौसा थाना दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दी है। पुलिस ने जांच की बात कही है। बताते चलें कि बांदा वन विभाग कर्मियों का विवादों से पुराना नाता है। बिना पौधरोपण बजट का बंटाधार करने के आरोप लगते रहते हैं।
बदौसा क्षेत्र से जुड़ा पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बदौसा थाना क्षेत्र की उतरवां ग्राम पंचायत के मजरा पटवारी पुरवा में किसान छेदीलाल रहते हैं। उन्होंने अपने शिकायतीपत्र में कहा है कि 4 मार्च को वह खेत से फसल लेने गए थे।
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रास्ते में वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड और 5 अज्ञात संविदा वन कर्मियों ने उनकी बैलगाड़ी को जबरन रोका। फिर खेत से घसीटते हुए बैलों को भगा दिया। इसके बाद उनकी बैलगाड़ी में आग लगा दी।
गाली-गलौज-मारपीट का भी आरोप
पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने वन कर्मियों को रोकने की काफी कोशिश की। लेकिन आरोपी फिर भी नहीं माने। उनकी आंखों के सामने ही पूरी बैलगाड़ी जलकर खाक हो गई। आरोप है कि वन कर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की।
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पीड़िता का कहना है कि वनकर्मियों ने कहा कि कहीं कोई शिकायत की तो गांव में रहने नहीं देंगे। इसके साथ ही 2000 हजार रुपए भी छीन लिए। प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है।
पुलिस ने कहा, जांच चल रही
वहीं थाना प्रभारी बदौसा अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि किसान की ओर से बैलगाड़ी जलाए जाने की तहरीर मिली है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, घटना को लेकर गांव के लोगों में वनकर्मियों में काफी नाराजगी है। उधर, वन विभाग अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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